February 6, 2023

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Jai Sai Ram

Significance of 11 words given by Shirdi Sai Baba to the devotees

Significance of 11 words given by Shirdi Sai Baba to the devotees

Significance of 11 words given by Shirdi Sai Baba to the devotees

Shirdi Sai Baba’s 11 words are of great importance to the devotees, because they believe that in everything Sai Baba says, there is a solution to remove their sorrows. Let’s know the precious 11 words of Sai Baba

There were many such saints and great men in India with whom the faith of millions of people is attached. One of them is Sai Baba of Shirdi, whose whole life was full of miracles. Sai did many miracles in his life which remain a puzzle even today. The great thing is that even today the person doing his spiritual practice seems to be claiming his new miracle. It is the result of the new miracles that Sai’s palanquin, which comes out on Thursday, comes out, a large number of devotees throng to get his darshan and blessings.

Let us know the eleven verses of Sai Baba, who taught reverence and Saburi, which by reading and following them with devotion leads to auspiciousness and all the bad things start happening –

1. जो शिरडी में आएगा. आपदा दूर भगाएगा.

साईं बाबा कहते हैं कि जो कोई भी शिर्डी में आएगा उसकी सारी परेशानियां समाप्त हो जाएँगी.

2. चढ़े समाधि की सीढ़ी पर. पैर तले दुःख की पीढ़ी कर.

साईं के अनुसार उनकी समाधि की सीढ़ी पर पैर रखते ही साईंभक्तों के दुःख दूर हो जायेंगे.

3. त्याग शरीर चला जाऊँगा. भक्त–हेतु दौड़ा आऊँगा.

साईं के अनुसार भले ही उन्होंने शरीर त्याग दिया हो लेकिन अपने भक्त की श्रद्धा भरी पुकार सुनकर मदद के लिए दौड़े आएंगे.

4. मन में रखना दृढ़ विश्वास. करे समाधि पूरी आस.

साईं के अनुसार हर मुश्किल में उनके हर भक्त को दृढ़तापूर्वक विश्वास करना चाहिए, क्योंकि उनकी हर समस्या का समाधान उनकी समाधि पर जरूर मिलेगा.

5. मुझे सदा जीवित ही जानो. अनुभव करो सत्य पहचानो.

साईं कहते हैं कि मेरा अस्तित्व सिर्फ शरीर तक ही सीमित नहीं है बल्कि मैं हमेशा परमात्मा के अंश की तरह सदैव जीवित रहूँगा.

6. मेरी शरण आ खाली जाये. हो तो कोई मुझे बताये.

साईं बाबा इस बात का विश्वास दिलाते हैं कि मेरी शरण में आना वाला कोई खाली नहीं जाता है. यदि हो तो मुझसे बताए.

7. जैसा भाव रहा जिस जन का. वैसा रुप हुआ मेरे मन का.

साईं बाबा कहते हैं कि जो मुझे जिस भाव से देखेगा मैं उसे वैसा ही नज़र आऊंगा.

8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा. वचन न मेरा झूठा होगा.

साईं के अनुसार जो भी पूरी श्रद्धा भाव से उनके प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं, उनका वे पूरा ख्याल रखते हैं.

9. आ सहायता लो भरपूर. जो मांगा वह नहीं है दूर.

साईं के अनुसार श्रद्धा और प्रेम के साथ जो भी उनसे कुछ मांगेगा, साईं बाबा उसे जरूर पूरा करेंगे.

10. मुझ में लीन वचन मन काया. उसका ऋण न कभी चुकाया.

साईं कहते हैं कि जो कोई भक्त तन, मन और वचन से मुझमें लीन होता है, उसके वे हमेशा ऋणी रहते हैं.

11. धन्य–धन्य वह भक्त अनन्य. मेरी शरणतज जिसे न अन्य.

साईं के अनुसार वो भक्त धन्य हैं जो पूरी श्रद्धा के साथ साईंभक्ति में लीन हैं, वो सदैव ही उनको प्रिय हैं.